Sunday, November 13, 2011

I tried someting in Hindi!

हाथों में तेरे मेह्फुज़ रहेने की उम्मीद थी,
आँखों में तेरे ही बसने की उम्मीद थी,
दिल जो तुने ही दुखा दिया है,
उसमें तुझे ही बसाने की उम्मीद थी |


मैं तो तेरा ही दीवाना था,
जां तुझी पे लुटाना था,
आने में देर मैंने किया था, फिर भी
रात तो तेरे ही साथ बिताना था |

प्यार से तुझे बस देखा मैं,
पर प्यार कर नहीं पाया मैं,
कोशिश तो लाख किया था लेकिन,
तुझे पास ना ला पाया मैं |

आवारा घूमता फिरता हु,
याद तुझी को करता रहेता हु,
ए बेखबर आज सुनले तू ज़रा,
अपना ज़िंदगी तेरे नाम करता हु |